केतु के दोष को शांत करने के क्या उपाय हैं? अगर आपकी कुंडली में केतु की स्थिति कमजोर है और आप बार-बार जीवन में परेशानियों, मानसिक तनाव या कामों में रुकावट महसूस कर रहे हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि केतु दोष सक्रिय है।
ज्योतिष शास्त्र में इस दोष को शांत करने के लिए कई सरल और असरदार उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को अपनाकर आप न केवल केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं बल्कि जीवन में शांति, स्थिरता और खुशहाली भी ला सकते हैं।
नीचे हम आपको आसान तरीके बताएंगे जिनसे आप धीरे-धीरे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे।
केतु के दोष को शांत करने के क्या उपाय हैं? (Remedies to Calm Ketu Dosha)

केतु के दोष को शांत करने का मतलब केवल कुंडली के प्रभाव को कम करना नहीं है, बल्कि मानसिक शांति और जीवन में स्थिरता लाना भी है।
इसके लिए कुछ सरल और प्रभावी उपाय हैं जिन्हें नियमित रूप से अपनाया जा सकता है। जैसे भगवान गणेश की पूजा करना, शनिवार का व्रत रखना, मंत्र जाप करना, पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना और जरूरतमंदों को दान देना।
इन उपायों को लगातार करने से केतु के नकारात्मक प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगते हैं और जीवन में संतुलन व सुख की अनुभूति होती है। पूरे उपायों की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।
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ज्योतिष में केतु ग्रह का महत्व
केतु को छाया ग्रह और पाप ग्रह माना गया है। इसे समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि जिन लोगों की कुंडली में केतु कमजोर या दोषग्रस्त होता है, उनके जीवन में अचानक परेशानियां बढ़ने लगती हैं।
केतु दोष वाले व्यक्ति बार-बार गलत निर्णय ले सकते हैं, गलत संगति में पड़ सकते हैं, और उनके काम अक्सर अटकने लगते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, कुंडली में केतु दोष होने से कालसर्प दोष भी बन सकता है, जिससे मानसिक तनाव, भय और अस्थिरता बढ़ जाती है।
हालांकि केतु केवल अशुभ फल ही नहीं देता। यह ग्रह व्यक्ति को आध्यात्म, वैराग्य और मोक्ष की दिशा भी दिखा सकता है। इसलिए केतु दोष को सही उपायों से शांत करना बेहद महत्वपूर्ण है।
कुंडली में केतु दोष के लक्षण

केतु दोष के कारण व्यक्ति को कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। यदि आप इन लक्षणों को अनुभव कर रहे हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी कुंडली में केतु कमजोर है।
- बिना वजह डर, भ्रम और बेचैनी की स्थिति
- कार्यों में बार-बार रुकावट या विलंब
- निर्णय लेने में कठिनाई और असमंजस
- अकेलापन और मानसिक अशांति
- जीवन में स्थिरता और संतुलन की कमी
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति लगातार अपने कामों में असफलता का अनुभव कर रहा है, बार-बार मानसिक तनाव महसूस कर रहा है और रिश्तों में असमंजस है, तो यह केतु दोष का संकेत हो सकता है।
केतु दोष को शांत करने के प्रभावी उपाय
केतु दोष से मुक्ति पाने के लिए कुछ सरल नियम और उपाय अपनाने जरूरी हैं। ये उपाय न केवल दोष को शांत करते हैं बल्कि मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाते हैं।
1. भगवान गणेश की पूजा करें
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को केतु का कारक ग्रह माना गया है। इसलिए जिन लोगों की कुंडली में केतु दोष है, उन्हें गणेश जी की पूजा करना चाहिए।
- बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा करें
- उन्हें दूर्वा और मोदक अर्पित करें
- नियमित पूजा से केतु के प्रभाव से मन को शांति मिलती है
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति बार-बार अपनी नौकरी या कारोबार में अटकाव महसूस कर रहा है, तो गणेश पूजा करने से मानसिक दबाव कम होता है और काम में सुधार आने लगता है।
2. शनिवार का व्रत रखें
शनिवार का व्रत केतु दोष को शांत करने का एक असरदार उपाय है।
- लगातार 18 शनिवार तक व्रत रखें
- इस दिन सात्विक भोजन करें और मानसिक रूप से शांति बनाए रखें
- व्रत करने से केतु की नकारात्मक ऊर्जा धीरे-धीरे शांत होती है
3. केतु मंत्र का जाप
मंत्र जाप से मानसिक शांति के साथ-साथ केतु दोष भी कम होता है।
- केतु मंत्र: “ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः”
- इस मंत्र का 5, 11 या 18 माला जाप करें
- जाप के दौरान मन को एकाग्र रखें
उदाहरण के लिए, रोजाना सुबह-सुबह मंत्र जाप करने से व्यक्ति की सोच सकारात्मक होती है और मानसिक तनाव कम होता है।
4. पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं

- हर शनिवार पीपल के पेड़ के नीचे घी का दिया जलाएं
- इसके साथ गरीबों को दान करें
- यह उपाय केतु दोष को शांत करने में सहायक माना जाता है
5. दान-पुण्य करें
केतु दोष कम करने के लिए कुछ विशेष वस्तुओं का दान करना बहुत लाभकारी है।
- कंबल, छाता, लोहा
- उड़द दाल, गर्म कपड़े
- कस्तूरी, लहसुनिया
इन वस्तुओं का दान जरूरतमंदों को करने से जीवन में बाधाएं कम होती हैं और मानसिक संतुलन आता है।
6. केतु रत्न धारण करें
- केतु दोष से बचने के लिए केतु रत्न या उपरत्न धारण किया जा सकता है
- रत्न पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह जरूर लें
- बिना सलाह रत्न पहनना नुकसानदायक हो सकता है
7. काले-सफेद कुत्ते को भोजन कराएं
- रोज काले या काले-सफेद कुत्ते को अन्न खिलाएं
- अगर यह संभव न हो, तो काले और सफेद तिल बहते पानी में प्रवाहित कर दें
- यह उपाय केतु को जल्दी शांत करता है
8. विशेष शनिवार उपाय
- शनिवार व्रत के दिन एक पात्र में कुषा और दूर्वा रखें
- उसमें पानी भरें
- इसे पीपल के पेड़ की जड़ में अर्पित करें
- नियमित रूप से करने से केतु दोष शांत होता है और मन में शांति आती है
क्या केतु हमेशा अशुभ फल देता है?
केतु को ज्योतिष में अक्सर अशुभ ग्रह माना जाता है, लेकिन यह हमेशा बुरे फल ही नहीं देता।
- केतु व्यक्ति को आध्यात्म, वैराग्य, मोक्ष और तांत्रिक ज्ञान की ओर भी ले जाता है
- कई संतों और साधकों की कुंडली में केतु मजबूत होता है
- धनु राशि में केतु की उच्च स्थिति है, जबकि मिथुन में यह नीच का होता है
- केतु अश्विनी, मघा और मूल नक्षत्र का स्वामी है
वैदिक शास्त्रों के अनुसार केतु स्वरभानु राक्षस का धड़ है और इसके सिर को राहु कहा जाता है।
निष्कर्ष
अगर आपकी कुंडली में केतु दोष है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही पूजा, मंत्र जाप, दान-पुण्य और नियमों का पालन करके आप केतु दोष को शांत कर सकते हैं।
नियमित उपाय करने से जीवन में शांति, मानसिक संतुलन और सकारात्मक बदलाव आते हैं। धीरे-धीरे बिगड़े काम बनने लगते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।
कुंडली में केतु दोष से राहत पाने के ये उपाय सरल, सुरक्षित और प्रभावी हैं। इन्हें श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनाएं और अनुभव करें कि कैसे आपके जीवन में नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और संतुलन बढ़ता है।
FAQs
केतु को कौन से भगवान नियंत्रित करते हैं?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार केतु ग्रह के अधिपति भगवान गणेश माने जाते हैं। इसके अलावा भगवान शिव और माता दुर्गा की उपासना भी केतु के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने में सहायक मानी जाती है।
केतु आध्यात्मिकता, मोक्ष और वैराग्य का कारक ग्रह है, इसलिए इसके लिए शिव-तत्व की उपासना विशेष फलदायी होती है।
केतु खराब हो तो क्या उपाय करना चाहिए?
यदि कुंडली में केतु अशुभ हो, तो निम्न उपाय किए जा सकते हैं:
प्रतिदिन ॐ केतवे नमः मंत्र का 108 बार जाप
गणेश जी की पूजा और बुधवार/शनिवार को दूर्वा अर्पण
कुत्तों को रोटी खिलाना
ग्रे या भूरे रंग के वस्त्रों का दान
ये उपाय केतु के नकारात्मक प्रभाव को धीरे-धीरे कम करते हैं।
केतु शांति का सबसे प्रभावी उपाय क्या है?
केतु शांति का सबसे प्रभावी उपाय केतु शांति पूजा और मंत्र जाप माना जाता है। विशेष रूप से:
केतु बीज मंत्र: ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
मंगलवार या शनिवार को जाप करना
राहु-केतु शांति यज्ञ करवाना
ये उपाय मानसिक अशांति, अचानक नुकसान और जीवन में रुकावटों को कम करने में मदद करते हैं।

विजय वर्मा वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) और रत्न विज्ञान (Gemstone Science) में 20+ वर्षों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने 10,000 से अधिक कुंडलियों (Horoscopes) का विश्लेषण किया है और व्यक्तिगत व पेशेवर उन्नति के लिए सटीक मार्गदर्शन प्रदान किया है। उनका अनुभव उन्हें एक भरोसेमंद ज्योतिष विशेषज्ञ बनाता है।