बुध ग्रह खराब होने के लक्षण उपाय जानना हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है, जो अपने जीवन में अचानक आने वाली उलझनों, गलत फैसलों, तनाव या बातचीत में दिक्कतों का असली कारण समझ नहीं पा रहा है
अक्सर लोग महसूस तो करते हैं कि कुछ सही नहीं चल रहा, लेकिन वजह पकड़ नहीं पाते—और यही जिज्ञासा हमें बुध ग्रह की भूमिका समझने के लिए प्रेरित करती है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि कमजोर बुध आपके दिमाग, वाणी, शिक्षा और करियर को किस तरह प्रभावित करता है, और कौन-से आसान उपाय आपको राहत दे सकते हैं, तो नीचे दिया गया पूरा लेख आपके लिए बेहद मददगार साबित होगा।
आगे पढ़ते रहें, क्योंकि आपको यहां वो सभी जानकारी मिलेगी जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
बुध ग्रह खराब होने के लक्षण उपाय (Signs and Remedies of Weak Mercury)

जब कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है, तो इसके संकेत हमारे बोलने के तरीके, सोचने की क्षमता, याददाश्त और रोजमर्रा के फैसलों में धीरे-धीरे दिखाई देने लगते हैं।
कई बार लोग इन बदलावों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये बुध ग्रह के बिगड़े हुए प्रभाव के शुरुआती संकेत होते हैं।
ऐसे समय में सही उपाय अपनाना जरूरी होता है ताकि समस्याएँ बढ़ने न पाएं। नीचे आप इन लक्षणों और उपायों की पूरी जानकारी विस्तार से पढ़ सकते हैं।
कमजोर बुध ग्रह के प्रमुख लक्षण

इस भाग में हम समझेंगे कि जब कुंडली में बुध कमजोर होता है तो उसका असर किन-किन रूपों में दिखाई देता है।
ये लक्षण रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं और कई बार व्यक्ति समझ भी नहीं पाता कि समस्या का मूल कारण बुध ग्रह हो सकता है।
1. गलत निर्णय लेने की आदत
कमजोर बुध का सीधा असर निर्णय क्षमता पर पड़ता है। ऐसा व्यक्ति छोटी-छोटी बातों में भी उलझ जाता है और सही-गलत का फर्क समझ नहीं पाता।
उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति अचानक नौकरी छोड़ देता है, गलत व्यापारिक साझेदारी कर लेता है, या रिश्तों में बिना सोचे-समझे कदम उठा लेता है। यह सब बुध की कमज़ोरी दिखाते हैं।
2. याददाश्त कमजोर होना
यदि आपको अक्सर चीजें याद नहीं रहतीं, पढ़ाई में मन नहीं लगता, काम में बार-बार भूल हो जाती है, तो ये बुध दोष के लक्षण हो सकते हैं।
खासकर छात्रों में कमजोर बुध का प्रभाव तुरंत दिखाई देता है—वे पढ़ तो लेते हैं, पर याद नहीं रख पाते।
3. वाणी में समस्या या हकलाना
बुध ग्रह वाणी का कारक माना जाता है। जब यह कमजोर हो जाए, तो बोलने में रुकावट, हकलाना, शब्दों का गलत उपयोग और बातचीत में आत्मविश्वास की कमी जैसी दिक्कतें सामने आती हैं।
उदाहरण के तौर पर, इंटरव्यू के समय अचानक आवाज़ बैठ जाना या बोलते समय घबराहट होना भी बुध ग्रह का संकेत हो सकता है।
4. तनाव और बेचैनी बढ़ना
कमजोर बुध मन को अस्थिर कर देता है। व्यक्ति हर बात पर ज्यादा सोचने लगता है, चिंता बढ़ जाती है और मानसिक शांति खत्म हो जाती है। कई बार बिना किसी वजह के भी मन घबराया रहता है।
5. व्यापार में रुकावट या लगातार नुकसान
बुध ग्रह व्यापार, बिज़नेस कम्युनिकेशन और मार्केटिंग से जुड़ा ग्रह है। जब यह कमजोर होता है तो व्यापार में लाभ की जगह नुकसान होने लगता है।
उदाहरण के लिए, अच्छे ग्राहक होने के बावजूद ऑर्डर कैंसिल हो जाना, गलत दस्तावेज़ीकरण, साझेदार से गलतफहमी आदि।
6. त्वचा और नसों से जुड़ी समस्याएँ
बुध ग्रह शरीर की नसों और त्वचा को भी प्रभावित करता है। त्वचा में खुजली, एलर्जी, झुनझुनी, हाथ-पैर सुन्न होना या नसों की कमजोरी भी कमजोर बुध के कारण हो सकती है।
7. दूसरों से संवाद में दिक्कत
कमजोर बुध व्यक्ति को ठीक से अपनी बात रखने नहीं देता। ऐसे लोग अक्सर कहते हैं कि “मेरी बात लोग समझते ही नहीं।” बातचीत के दौरान छोटी-छोटी गलतफ़हमियाँ होना इसका संकेत है।
8. शिक्षा में बाधा
बुध ग्रह शिक्षा, लेखन और सीखने का कारक है। विद्यार्थियों को विषय कठिन लगना, पढ़ाई में मन न लगना या परीक्षा में अपेक्षित परिणाम न मिलना – ये सब बुध की प्रतिकूल स्थिति दर्शाते हैं।
9. व्यक्तित्व में नीरसता और आत्मविश्वास की कमी
जब बुध ग्रह कमजोर हो, तो व्यक्ति उत्साहहीन, संकोची और कम आत्मविश्वासी हो जाता है। लोगों के सामने बोलने से हिचक महसूस होती है, और व्यक्तित्व अपना आकर्षण खो देता है।
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कमजोर बुध ग्रह को मजबूत करने के उपाय

इस भाग में आप जानेंगे कि बुध ग्रह कैसे मजबूत किया जाए। ये उपाय सरल, सुरक्षित और रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपनाए जा सकते हैं।
1. बुध मंत्र का जाप
बुध ग्रह को शांत और मजबूत करने का सबसे आसान तरीका है मंत्र जप। बुध बीज मंत्र “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” बुधवार को 108 बार जपें। इसके अलावा “ॐ गण गणपतये नमो नमः” मंत्र भी बुध ग्रह को संतुलित करता है।
2. बुधवार का व्रत रखें
शुक्ल पक्ष से बुधवार का व्रत शुरू किया जा सकता है। इस दिन हरे वस्त्र पहनना, हरी दाल का सेवन, और तुलसी की पूजा करना बहुत लाभकारी माना जाता है।
3. हरे रंग का दान
बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए बुधवार के दिन हरी वस्तुओं का दान करें, जैसे हरा मूंग, हरी सब्जियाँ, हरा कपड़ा, हरी चूड़ियाँ। यह मानसिक स्पष्टता और व्यापार में स्थिरता लाता है।
4. भगवान गणेश की उपासना
बुध ग्रह गणेश जी से जुड़ा हुआ है। इसलिए बुधवार को गणेशजी को दूर्वा, पान या मोदक चढ़ाना बुध दोष कम करता है।
5. पन्ना रत्न धारण करना
पन्ना (Emerald) बुध ग्रह का रत्न है। इसे चांदी या सोने की अंगूठी में छोटी उंगली में पहना जाता है। लेकिन यह उपाय किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह के बाद ही करें।
6. गौ सेवा और हरा चारा खिलाना
गाय को हरा चारा खिलाना बुध को शांत करने का शक्तिशाली उपाय है। इससे मन में संतुलन आता है और व्यापारिक परेशानियाँ कम होती हैं।
7. वाणी की शुद्धि और सत्य बोलना
झूठ, कटु वाणी, चुगली और विवाद बुध ग्रह को कमजोर करते हैं। यदि आप साफ, मीठी और सत्य वाणी अपनाते हैं, तो बुध स्वतः मजबूत होता है।
8. विष्णु सहस्रनाम का पाठ
यह उपाय मानसिक शांति, बुद्धि और निर्णय क्षमता सभी को बेहतर करता है। बुध ग्रह शांत रहने लगता है और मन स्थिर होता है।
बुध को मजबूत करने की रोजमर्रा की आदतेंज्योतिषीय उपायों के साथ कुछ प्रैक्टिकल आदतें भी बुध ग्रह को मजबूत करती हैं। जैसे साफ-सुथरी भाषा का अभ्यास, नई चीजें सीखना, कम्युनिकेशन स्किल्स पर काम करना, योग-प्राणायाम करना, हरे पौधे लगाना और घर-ऑफिस में ग्रीन रंग का उपयोग बढ़ाना। ये आदतें बुध ग्रह की ऊर्जा को संतुलित करने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।
निष्कर्ष
अंत में कहा जा सकता है कि बुध ग्रह हमारे विचार, वाणी, व्यापार, शिक्षा और संबंधों का महत्वपूर्ण आधार है। कमजोर बुध ग्रह के लक्षण समय रहते पहचान कर यदि उचित उपाय कर लिए जाएँ—जैसे बुध मंत्र, दान, व्रत, पन्ना रत्न, गणेश उपासना और संवाद में स्पष्टता—तो जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं।
इसलिए यदि आपको अपने भीतर कमजोर बुध ग्रह के संकेत दिखाई दें, तो इन उपायों को अपनाकर आप बुध ग्रह को मजबूत बना सकते हैं और जीवन को बेहतर दिशा दे सकते हैं।
FAQs
बुध ग्रह खराब होने पर क्या होता है?
जब बुध ग्रह खराब होता है तो व्यक्ति की निर्णय क्षमता कमजोर हो जाती है, याददाश्त कमज़ोर होती है और वाणी में समस्याएँ आने लगती हैं। ऐसे लोगों को पढ़ाई में रुकावट, बातचीत में गलतफ़हमियाँ, व्यापार में नुकसान और मानसिक तनाव जैसी दिक्कतें महसूस हो सकती हैं। कई बार त्वचा और नसों से जुड़ी समस्याएँ भी कमजोर बुध का संकेत होती हैं।
बुध को ठीक करने के क्या उपाय हैं?
बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए बुधवार के दिन बुध बीज मंत्र “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” का जप करना सबसे प्रभावी उपाय है। इसके अलावा हरा मूंग, हरी सब्जी, हरे कपड़े का दान, भगवान गणेश की उपासना, बुधवार का व्रत, पन्ना रत्न धारण करना और गाय को हरा चारा खिलाना भी बुध ग्रह को शुभ बनाता है। नियमित रूप से मीठी और साफ वाणी का प्रयोग करना भी बुध को मजबूत करता है।
कौन सी आदतें बुध को कमजोर बनाती हैं?
कटु वाणी का उपयोग, झूठ बोलना, चुगली करना, नकारात्मक सोच, गलत निर्णय लेना, मानसिक तनाव, अव्यवस्थित जीवनशैली और पढ़ाई या सीखने से दूरी—ये सभी आदतें बुध ग्रह को कमजोर करती हैं। इसके अलावा मोबाइल/स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग और लगातार चिंता करना भी बुध की प्राकृतिक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

विजय वर्मा वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) और रत्न विज्ञान (Gemstone Science) में 20+ वर्षों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने 10,000 से अधिक कुंडलियों (Horoscopes) का विश्लेषण किया है और व्यक्तिगत व पेशेवर उन्नति के लिए सटीक मार्गदर्शन प्रदान किया है। उनका अनुभव उन्हें एक भरोसेमंद ज्योतिष विशेषज्ञ बनाता है।